SHODHAAMRIT (शोधामृत)

An International Peer-Reviewed, Refereed, Indexed & Quarterly Research Journal of Arts, Humanities and Social Sciences

A Multidisciplinary and Multilingual (All Languages) Journal Publishing Original Scholarly Research in the All Subjects Of Arts, Humanities and Social Sciences in Online and Print Formats.
E-ISSN: 3048-9296 & P-ISSN : 3049-2890

IIFS Impact Factor-5.375

Journal DOI: https://doi.org/10.71037/Shodhaamrit

SUBMIT YOUR ARTICLE

Climate Change : Impacts, Challenges and Adaptation Strategies in India

Title :-Climate Change : Impacts, Challenges and Adaptation Strategies in India Download Pdf
Author :-Dr. Jitendra Kumar

Date of Publication (ONLINE) :-25-07-2026
DOI : 10.71037/Shodhaamrit.v3i3.28
Online Publication Certificate No. :– SMT/33
28

cite this article:
Kumar Dr. Jitendra, “Climate Change: Impacts, Challenges and Adaptation Strategies in India“, Published in SHODHAAMRIT(शोधामृत), ISSN-3048-9296(O) & 3049-2890(P), Volume-3 | Issue-3, July-Sept., 2026, Page No. :-202-207. URL: https://shodhaamrit.gyanvividha.com/wp-content/uploads/2026/09/Dr.-Jitendra-Kumar-Shodhaamrit-Vol-3-Issue-2-July-Sept.-2026-pp-202-207.pdf

Abstract : जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे गंभीर वैश्विक चुनौती है। यह केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह मानव सभ्यता, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है।पिछले 150 वर्षों में औद्योगीकरण, शहरीकरण और जनसंख्या वृद्धि के कारण पृथ्वी के वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा तेजी से बढ़ी है। भारत जैसे विकासशील देश के लिए जलवायु परिवर्तन एक दोहरी चुनौती है। एक तरफ हमें विकास और गरीबी उन्मूलन के लक्ष्य हासिल करने हैं, और दूसरी तरफ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटना है। भारत की 60% से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है और मानसून पर निर्भर है। ऐसे में अनियमित वर्षा, बढ़ता तापमान, सूखा, बाढ़ और समुद्र के स्तर में वृद्धि सीधे करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करती है।पिछले कुछ वर्षों में हमने भारत में इसके स्पष्ट संकेत देखे हैं – 2022 की भीषण गर्मी, केरल और असम की बाढ़, चेन्नई और मुंबई में जलभराव, हिमालय में ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना। चेतावनी देती हैं कि यदि अभी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो 2030 तक भारत को पानी, भोजन और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारी संकट का सामना करना पड़ेगा।इसी पृष्ठभूमि में प्रस्तुत शोध पत्र “जलवायु परिवर्तन: भारत में प्रभाव, चुनौतियां और अनुकूलन रणनीतियां” का उद्देश्य है – जलवायु परिवर्तन के कारणों को समझना, भारत पर पड़ने वाले बहुआयामी प्रभावों का विश्लेषण करना, और सरकारी नीतियों के साथ-साथ व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर किए जा सकने वाले व्यावहारिक समाधानों को प्रस्तुत करना।यह शोध पत्र इस मान्यता पर आधारित है कि जलवायु परिवर्तन से लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपनी भूमिका समझे और “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना के साथ प्रकृति का संरक्षण करे।

Keywords : जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण, सभ्यता, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा।

Publication Details:
Journal : SHODHAAMRIT(शोधामृत)
ISSN : 3048-9296 (Online) & 3049-2890 (Print)
Published In : Volume-3 | Issue-3, July-Sept., 2026
Page Number(s) : 202-207
Publisher Name :
 Mrs Anubha Chaudhary | https://shodhaamrit.gyanvividha.com | ISSN-3048-9296(O) & 3049-2890(P)

Loading Viewer…

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *