Title :-The Concept of ‘Integral Human’ in Indian Political Thought : A Philosophical Analysis of Deendayal Upadhyaya’s Ideas Download Pdf
Author :-HANSA SHARMA
Date of Publication (ONLINE) :-25-07-2026
DOI : 10.71037/Shodhaamrit.v3i3.17
Online Publication Certificate No. :– SMT/3317
cite this article:
SHARMA HANSA, “The Concept of ‘Integral Human’ in Indian Political Thought: A Philosophical Analysis of Deendayal Upadhyaya’s Ideas“, Published in SHODHAAMRIT(शोधामृत), ISSN-3048-9296(O) & 3049-2890(P), Volume-3 | Issue-3, July-Sept., 2026, Page No. :-124-130. URL: https://shodhaamrit.gyanvividha.com/wp-content/uploads/2026/08/Hansa-sharma-Shodhaamrit-Vol-3-Issue-2-July-Sept.-2026-pp-124-130.pdf
Abstract : आधुनिक राजनीतिक विचारधाराओं ने मनुष्य को प्रायः किसी एक आयाम उत्पादक, उपभोक्ता, मतदाता, वर्ग-सदस्य अथवा अधिकार-धारी में सीमित किया है। दीनदयाल उपाध्याय की ‘एकात्म मानव’ अवधारणा इस विखंडन के विरुद्ध भारतीय दार्शनिक परंपरा से निकला समग्र प्रतिपक्ष प्रस्तुत करती है। यह शोध-पत्र उनके मूल व्याख्यानों, आर्थिक-राजनीतिक लेखन, संकलित वाङ्मय तथा चयनित हिन्दी अकादमिक अध्ययनों का व्याख्यात्मक और तुलनात्मक विश्लेषण करता है। अध्ययन का केंद्रीय प्रतिपादन है कि एकात्म मानववाद केवल वैकल्पिक अर्थनीति या सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का घोष नहीं, बल्कि दार्शनिक मानवशास्त्र, संबंधपरक समाज-दृष्टि और नैतिक राजनीति का संयुक्त प्रारूप है। इसमें मनुष्य को देह, भाव-जगत, विवेक और आत्मबोध की संयुक्त सत्ता मानते हुए व्यष्टि, परिवार, समाज, राष्ट्र, मानवता और प्रकृति को परस्पर पूरक वृत्तों में देखा गया है; धर्म को जीवन-धारण की मर्यादा, ‘चिति’ को राष्ट्रीय स्वभाव और ‘विराट’ को संगठित सामाजिक ऊर्जा के रूप में समझा गया है। पाठीय विश्लेषण से पाँच प्रमुख विषय-समूह उभरते हैं, समग्र मानव-संरचना, व्यष्टि–समष्टि एकात्मता, धर्म–चिति–विराट, संयमित एवं श्रमसम्मत अर्थनीति और विकेंद्रित संस्थागत व्यवस्था। शोध यह भी रेखांकित करता है कि अवधारणा की नैतिक शक्ति के साथ ‘धर्म’ और ‘चिति’ की बहुअर्थता, बहुलतावादी अधिकार-सुरक्षाओं की अस्पष्टता तथा जाति-लिंग प्रश्नों पर अपर्याप्त विस्तार जैसी सीमाएँ आलोचनात्मक पुनर्पाठ की माँग करती हैं।
Keywords : एकात्म मानव, दीनदयाल उपाध्याय, भारतीय राजनीतिक चिंतन, धर्म, चिति, विराट, व्यष्टि–समष्टि, अंत्योदय।
Publication Details:
Journal : SHODHAAMRIT(शोधामृत)
ISSN : 3048-9296 (Online) & 3049-2890 (Print)
Published In : Volume-3 | Issue-3, July-Sept., 2026
Page Number(s) : 124-130
Publisher Name :
Mrs Anubha Chaudhary | https://shodhaamrit.gyanvividha.com | ISSN-3048-9296(O) & 3049-2890(P)
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